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विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नेता गिरवर निराला की दावेदारी

विधानसभा चुनाव में स्थानीय भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के द्वारा भितरघात करने की अटकलें क्षेत्र में बड़ी तेजी से

भटगांव :- छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2023 के अंतिम महीनो में होने को जा रहे हैं जिसका समय नजदीक आते ही नेताओं ने अपने अपने दमखम दिखाने का सिलसिला जारी कर दिया है। जिसके चलते सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से टिकट की दावेदारी करने में कोई पीछे नहीं हट रहे हैं। विगत 2018 के चुनाव में बिलाईगढ विधानसभा से कांग्रेस ने युवा चेहरा स्थानीय प्रत्यासी को उम्मीदवार बनाया था। वही कांग्रेस विधायक चंद्रदेव राय ने 71936 वोट 36.19 प्रतिशत से जीत का परचम लहराया था। वही बसपा से श्याम टंडन ने 62089 वोट 31.24 प्रतिशत हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर भाजपा से डॉ. सनम जांगड़े को 40623 वोट 20.44 प्रतिशत हासिल की। 

योगेश केसरवानी जिला ब्यूरो सारंगढ़ 

भाजपा से डॉ.सनम जांगड़े लगातार तीन बार विधानसभा बिलाईगढ़ प्रत्यासी रहे। जिसमे 2013 में जीत दर्ज की थी। लेकिन 2018 में भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं को हार कर मुह की खानी पड़ी लेकिन 2018 के चुनाव में भाजपा से उम्मीदवार डॉ.सनम जांगड़े के द्वारा चुनाव लड़ा गया था बहुत मतों से उनको हार का सामना करना पड़ा उसके बाद लगातार क्षेत्र में जनता के बीच सक्रिय होने के वादे और दावे किए जा रहे हैं लेकिन क्या इस बार भाजपा पुनः डॉ.सनम जांगड़े के ऊपर भरोसा जता पाएगी या नहीं यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

स्थानीय लोगों की माने तो इस बार के चुनाव में स्थानीय भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के द्वारा भितरघात करने की अटकलें बड़ी तेजी से क्षेत्र में जगह-जगह सुनाई दे रही है। यहां भाजपा में स्थानीय प्रत्यासी की मांग तेज हो गई है। स्थानीय भाजपा के बड़े छोटे नेताओ की नाराजगी के चलते विधानसभा में समीकरण बिगड़ने का काम किया जा रहा है। 

वैसे देखा जाए तो भाजपा युवा नेता गिरवर निराला बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय बने रहते हैं जगह जगह सांस्कृतिक ,धार्मिक कार्यक्रम कर लोगों के साथ जुड़ने का काम करते है पार्टी से चुनाव लड़ने की दावेदारी भी गिरवर निराला द्वारा की जा रही है तो क्या इस बार भाजपा युवा नेता गिरवर निराला के आगामी विधानसभा में चुनाव लड़ने के सही मायने लगाए जा रहे हैं आपको बता दें गिरवर निराला जो बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बेलमुडी (नगरदा) ग्राम के मूल निवासी है जिनके पिताजी सहनीराम निराला लगातार दो बार सरपंच रहे है। और अभी वर्तमान में उनके बेटे भूपेंद्र निराला सरपंच है। गिरवर निराला की धर्मपत्नी अभी वर्तमान में भाजपा मंडल बिलाईगढ़ में मंत्री के दायित्व निभा रही है। साथ ही सहनीराम निराला सतनामी समाज के अध्यक्ष भी रहे चुके है। जिन्होंने अपना जीवन राजनीतिक क्षेत्र में रहकर जनता के साथ मिलकर संघर्ष करने में कभी पीछे नहीं हटते चाहे अधिकारी हो या हो कोई बड़ा नेता बड़ी दबंगी और बेधड़क होकर जनता के मुद्दों को संबंधितों के समक्ष रखने और जनता के साथ मिलकर लड़ने में कभी मुड़कर नहीं देखते,जिसके चलते श्री गिरवर निराला भी अपनी राजनीतिक छवि बनाने के लिए इस क्षेत्र लगातार प्रयास कर रहे हैं गांव से लेकर तहसील तहसील से लेकर जिला तक जनता की सेवा करने का काम लगे है।

                                

गिरवर निराला राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्राथमिक वर्ग शिक्षित है। वही भाजपा सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला कार्यसमिति के साथ मोदी मन की बात के प्रभारी के दायित्व में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे है। जिसके चलते वह पिताजी के संघर्ष और अपने बचपन को राजनीतिक क्षेत्र में समर्पित करने को आधार मानकर आगामी 2023 के विधानसभा चुनाव में टिकट की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं।जिससे माना जाता है की वह जगह जगह धार्मिक, सांस्कृतिक, खेल कार्यक्रम शामिल होकर अपनी फील्ड बनाने में जुट गए हैं। इनकी विशेषता है की भारतीय जनता पार्टी से जुड़े एवम प्रधानमंत्री मोदी जी के विकास के एजेंडे को आगे ले जाना। साथ ही ये बसपा व कांग्रेस के वोट को प्रभावित करने की झमता रखते है। जिससे साफ माना जा रहा है कि चुनाव आते ही नेताओं में खलबली मची हुई है अपने अपने वर्चस्व की लड़ाई चुनावी मैदान में उतर कर प्रयास करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। 

बिलाईगढ़ विधानसभा में देखा जाए तो इस बार भाजपा की हार हुई है आखिर हार का क्या कारण हैं यह शीर्ष नेतृत्व के लिए चिंता का विषय बना हुआ है अगर स्थानीय कुछ भाजपा नेता और जनता की माने तो बाहरी प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाकर चुनाव लडाना ही हार का मुख्य कारण बताया जाता है तो क्या अब इस बार वरिष्ठ नेतृत्व स्थानीय प्रत्याशी को मौका देने का काम करेगी ताकि विधानसभा में अपना कब्जा कर काग्रेस के रिकॉर्ड को थोड़ कर जीत का परचम लहराया जा सके।

                            

देखें 2008, 2013, 2018 चुनाव परिणाम में उम्मीदवारो को कितना वोट मिला

बिलाईगढ़ विधानसभा में अनुसूचित जाति सीट में हमेशा से ही बड़े नेताओं की नजर टिकी होती है। बिलाईगढ़ विधानसभा मुख्यालय होने की वजह से यहां बीजेपी-कांग्रेस व बसपा के बीच कांटे की टक्कर होती है। अनुसूचित जाति सीट होने के बाद तीन बार हुए चुनाव में डॉ. सनम जांगड़े को बीजेपी ने 3 बार लगातार टिकट दिया और डॉ. शिवकुमार डहरिया को कांग्रेस पार्टी ने लगातार दो बार टिकट दिया। वही कांग्रेस से तीसरी बारी में प्रत्यासी बदलकर नया स्थानीय प्रत्यासी बनाया।

साल 2008 के विधानसभा चुनाव में बिलाईगढ़ को अनुसूचित जाति सीट किया गया। 2008 में, बिलाईगढ़ विधान सभा क्षेत्र में कुल 219118 मतदाता थे। कुल वैध मतों की संख्या 147102 थी। इस सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. शिव कुमार डहरिया जीते और विधायक बने। उन्हें कुल 55863 वोट मिले। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉक्टर सनम जांगड़े कुल 42241 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वह 13622 वोटों से हार गए।

2013 में, बिलाईगढ़ विधान सभा क्षेत्र में कुल 250824 मतदाता थे। कुल वैध मतों की संख्या 181765 रही। इस सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ. सनम जांगड़े जीते और विधायक बने। उन्हें कुल 71364 वोट मिले। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ शिव कुमार डहरिया कुल 58669 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वह 12695 वोटों से हार गए।

2018 में बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल 277233 मतदाता थे। वैध मतों की कुल संख्या 198769 थी। इस सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार चंद्रदेव प्रसाद राय जीते और विधायक बने। उन्हें कुल 71936 वोट मिले। बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार श्याम कुमार टंडन कुल 62089 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वह 9847 वोटों से हार गए।

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