Type Here to Get Search Results !

जिला खनिज न्यास मद के 10 लाख से निर्मित सामुदायिक भवन को सरपंच- सचिव ने निजी स्कूल संचालन के लिए दे रखा, ग्रामीणों को सामाजिक स्तर के कार्यक्रमों में हो रही दिक्कते

कोरबा/पाली= जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत रैनपुर खुर्द के सरपंच- सचिव द्वारा मनमानीपूर्ण ढंग से लाखों रुपए से निर्मित सामुदायिक भवन को एक निजी स्कूल संचालन के लिए दे रखने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। ग्रामीणों के मुताबिक न तो ग्राम पंचायत में कोई प्रस्ताव पारित किया गया है और न ही ग्रामसभा की सहमति है। ऐसे में पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी अपने निजी स्वार्थ हेतु ग्रामीण समुदाय वर्ग के सामाजिक कार्यक्रम निष्पादन के लिए निर्मित सामुदायिक भवन को निजी स्कूल संचालन के लिए दे रखे है। और संबंधित विभाग के अधिकारी इससे अनजान बने हुए हैं। 

कविता कश्यप जिला ब्यूरो कोरबा 

यहां के ग्रामीणों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि ग्राम के सरपंच भजन सिंह टेकाम व सचिव उदयसिंह सिन्द्राम ने गत वर्ष 2019- 20 में जिला खनिज न्यास निधि के 10 लाख से मांझापारा में निर्मित सामुदायिक भवन को निजी ज्ञानोदय शिशु मंदिर स्कूल संचालन के लिए दे रखा है, जिस भवन के सामने कक्ष में पंचायत द्वारा सोसायटी का संचालन किया जा रहा है जबकि भीतरी के कमरों में निजी स्कूल चल रहा है। वहीं पंचायत प्रमुखों के इस मनमानीपूर्ण कृत्य को लेकर पूछ्ताछ करने वाले गांव के जागरूक लोगों को निज मामला बताकर इससे ग्रामीणों को कोई लेना- देना नहीं है तथा इस ओर ध्यान नही देने की नसीहत दे चलता कर दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि निजी स्कूल संचालित कराने के लिए जो मनमाने प्रक्रिया अपनाई गई है उससे अलग- अलग समुदाय वर्ग के ग्रामीणों को सामाजिक स्तर के कामकाज के लिए काफी दिक्कतें हो रही है। दूसरी ओर सामुदायिक भवन को निजी स्कूल को दे दिया जाना शासकीय भवन का गलत ढंग से हस्तांतरण भी है। क्योंकि नियमतः शासकीय भवनों को किसी निजी संस्था को नही दिया जा सकता है। लेकिन सरपंच- सचिव ने नियम कायदे को ताक पर रखकर अपनी मनमानी की है। जो अवैध तथा स्वार्थ सिद्धि का एक जरिया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कक्षा पहली से आठवीं तक संचालित निजी ज्ञानोदय शिशु मंदिर स्कूल में 4 दर्जन से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। जहां शासन से निर्धारित नियम व मापदंड के विरुद्ध संचालित हो रहे उक्त स्कूल के कमरों में बच्चों को भेंड़- बकरी की तरह रखकर अध्यापन कार्य कराने और पालकों से अच्छी शिक्षा के नाम पर मनमानीपूर्ण शुल्क वसूल किया जा रहा हैं। जबकि नियम के अनुसार संचालित निजी स्कूल के चारो ओर बाउंड्रीवाल, स्वयं का खेल मैदान, अध्यापन कक्षाओं की संख्या, खेलकूद उपकरण, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, शौचालय, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, रेम्प आदि होने चाहिए। किन्तु इन सबको दरकिनार कर निजी स्कूल का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में करने की ठानी है। इस संबंध में प्रतिक्रिया जानने सरपंच- सचिव से संपर्क साधने का प्रयास किया गया किन्तु उनसे संपर्क नही हो पाया जिसके कारण उनका पक्ष नही मिल पाया।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.