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CG= 28 जिलों के संविदाकर्मियों ने दिया इस्तीफा:रायपुर में अनियमित कर्मचारियों ने जलाए ज्ञापन

NAMDEV SAHU=NEWSKHABAR36.IN

नवा रायपुर के तूता में कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। इस बीच 28 जिलों में संविदाकर्मियों ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वाले इन कर्मचारियों की संख्या करीब 45 हजार है। अनियमित कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे थे। नवा रायपुर में पुलिस ने इन्हें रोका, इसके बाद पुलिस के साथ कर्मचारियों की काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही।

अनियमित कर्मचारी मोर्चा के कर्मचारी सड़क पर उतर गए। कांग्रेस भगाओ के नारे लगाए। ज्ञापन की प्रतियां जला दीं। मौके पर पहुंचे बीजेपी अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि, भाजपा संविदा,अनियमित, दैनिक वेतन भोगी और अन्य प्रकार के अस्थाई कर्मचारियों की मांग को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी और सरकार बनते ही भाजपा अपना वादा पूरा करेगी।

अरुण साव के साथ प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी, विजय शर्मा और केदार कश्यप सहित भाजपा नेताओं के साथ शुक्रवार को सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के बैन रतले तूता में आंदोलित कर्मचारियों से आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अपना पूरा समर्थन दिया और उन्हें विश्वास दिलाया कि भाजपा की सरकार बनते ही कर्मचारियों की न्यायसंगत मांगें पूरी की जाएंगीं।

अरुण साव ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा, धूप, गर्मी, ऊमस और बारिश के बावजूद अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे कर्मचारियों के हजारों परिवार की चिंता करने के बजाय प्रदेश के कांग्रेस नेता एक खानदान, एक परिवार की सेवा-चाकरी और चिंता कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपने पिछले चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आते ही 10 दिन में संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जाएगा, लेकिन सरकार वादा पूरा करने में टाल-मटोल करती रही। बहानेबाजी करती रही।

कल रायपुर में इस्तीफे के बंडल सौंपे जाएंगे=

संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कौशलेश तिवारी ने कहा कि, 28 जिलों में कर्मचारियों ने अपने इस्तीफे अलग-अलग जिलों में जिला प्रशासन को सौंप दिए हैं। इसके बाद अब 15 जुलाई को रायपुर के तूता धरना स्थल में इस्तीफे के बंडल सरकार को सौंप दिए जाएंगे, कर्मचारी लगातार वादाखिलाफी सहते आ रहे हैं। हमारी प्रमुख मांग नियमितीकरण है। जिसका वादा खुद कांग्रेस ने किया था इस वजह से कर्मचारियों में आक्रोश है।

बिलासपुर में भी दिया गया इस्तीफा=

सर्व विभागीय संवीदा कर्मचारी महासंघ के बिलासपुर जिला अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने बताया कि सामूहिक इस्तीफा मुख्यमंत्री को कलेक्टर के माध्यम से भेजा जा रहा है। हम कोई अपराधी नहीं है जो हम पर एस्मा जैसे कार्रवाई की जाए , हम लोग अपनी जान गंवाकर लोगों की जान कोविड में बचाई है। पौने पांच साल बीत जाने के बाद भी नियमितिकरण के संबंध में निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार को चाहिए कि 10 दिन के भीतर नियमितीकरण के वादे को जल्द पूरा करे।

ज्ञापन जला दिए पुलिस से भिड़ें

छत्तीसगढ़ अनियमित कर्मचारी मोर्चा प्रांतीय संयोजक गोपाल प्रसाद साहू ने कहा कि, तूता में धरना प्रदर्शन करते हुए हम मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिये निकले। कर्मचारियों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक लगा दिया। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया, हमने ज्ञापन को जला कर आक्रोश व्यक्त किया। हमारे प्रदर्शन को समर्थन देने नावा कुमार सारणिया, सांसद कोकराझाड़ असम से आए। उन्होंने हमारी मांग को संसद में उठाने की बात कही है।


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