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हुक्केबाजी के साथ जुआ,6 लाख रुपए लेकर छोड़ा:रसूखदारों को छुड़ाने पहुंचे कांग्रेस नेता की भी नहीं चली


पुलिस मुख्यालय से ट्रांसफर होने के बाद भी एंटी सायबर एंड क्राइम यूनिट (ACCU) में जमे प्रभारी का एक नया कारनामा सामने आया है। चार दिन पहले टीम ने किराए के मकान में हुक्का पीते हुए जुए की महफिल जमाने वाले रसूखदारों को पकड़ा था। लेकिन, टीम ने उन्होंने बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया और छह लाख रुपए की वसूली कर ली गई। खास बात यह है कि इस पूरे खेल में रसूखदारों को छुड़ाने पहुंचे कांग्रेस नेता को ही दरकिनार कर दिया गया और उनकी बातें नहीं सुनी।

सिविल लाइन क्षेत्र में अज्ञेय नगर के एक किराए में बड़े कारोबारियों के बिगड़ैल बच्चे हुक्कापार्टी कर रहे थे और यहां जुआ भी चल रहा था। मामला बीते मंगलवार का है। इसकी खबर मिलने पर ACCU की मौके पर पहुंची और 6 युवकों को पकड़ लिया। इसमें पुलिस ने एक को हुक्का परोसने वाला दुकानदार बताया और शेष को ग्राहक बताते हुए उन पर कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई की। टीम ने मौके से बड़े पैमाने पर हुक्कापॉट्स व हुक्के का सामान भी बरामद किया। छत्तीसगढ़ में हुक्का बार के संचालन पर राज्य सरकार ने बैन लगा दिया है। साथ ही हुक्का पीने और पिलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

ताश की पत्तियां जब्त फिर कर दिया गायब, नगदी रकम भी हो गया गायब

बताया जा रहा है कि ACCU की टीम ने अज्ञेय नगर स्थित अनुभव गुप्ता नाम के व्यक्ति के मकान में 13 जून की रात छापेमारी की थी, जिसमें हुक्का पीने और पिलाने वाले 7 लोगों को पकड़ा था। इन सात हुक्काबाज़ों में एक SECL का सरकारी अधिकारी भी शामिल था। सभी हुक्के के साथ जुआ भी खेल रहे थे। पकड़े गए युवकों से टीम ने हुक्के के सामान के साथ ताश की पत्तियां भी जब्त की थी। लेकिन, थाना पहुंचने से पहले ही ताश की पत्तियां गायब हो गई और जब्ती रकम भी गायब कर दिया गया।

जुआ खेलने और हुक्का पीने वालों को छुड़ाने पहुंचे मंडी अध्यक्ष

जुआ खेलते और हुक्का पीते पकड़े गए पिलाते पकड़े गए लोग राजनीतिक और रसूखदार कारोबारी परिवार से थे। लिहाजा, उन्हें छुड़ाने के लिए मंडी अध्यक्ष और कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला उन्हें छुड़ाने के लिए सिविल लाइन थाना पहुंच गए। बताया जा रहा है कि पकड़े गए एक युवक बिल्हा क्षेत्र का रहने वाला अक्षत अग्रवाल PDS के चावल में गड़बड़ी करने वाले परिवार से है। लेकिन, राजेंद्र शुक्ला के हस्तक्षेप के बावजूद पुलिस ने आरोपियों से मोटी रकम वसूली कर ली और उन्हें छोड़ने के लिए छह लाख रुपए में डील कर लिया। यही वजह है कि उन्हें मुचलके पर छोड़ दिया गया। जबकि, एक छोटे कर्मचारी को मुख्य आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया।

थाने से बाहर आते ही 6 लाख की डील आ गई सामने

तय सौदे के मुताबिक पकड़े गए सात लोगों में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, 6 लोगों को छोड़ने के लिए प्रत्येक से एक लाख रुपए देने का सौदा तय किया गया। कवर्धा जिले के बह्बलिया निवासी 18 वर्षीय नवीन साहू के पैसों की ज़िम्मेदारी को पांच लोगों ने बांट ली थी। इस हिसाब से एक व्यक्ति को एक लाख बीस हज़ार रुपए देना तय हुआ। लेकिन, जैसे ही युवक पुलिस के चंगुल से छूट कर बाहर निकले, तब पुलिस की अवैध उगाही की बातें सामने आ गई।

पुलिस के चंगुल से छूटते ही पैसे देने से किया इंकार

बताते है कि पकड़े गए रईसजादों के बीच ये बात तय हुई थी कि छूटने के बाद सभी बराबर पैसे जोड़कर वापस कर देंगे। लेकिन, पुलिस के चंगुल से बाहर आते ही एक युवक के पिता ने पैसे देने से मना कर दिया। वहीं, एक और युवक ने केवल पचास हज़ार देने की बात कही। ऐसे में 6 लाख चुकाने का भार तीन युवकों पर आ गया, जिसके चलते यह बात लीक हो गई।

वसूली में कांग्रेस नेता की मिलीभगत

इस पूरे वसूली कांड में सरकंडा क्षेत्र के NSUI के एक छुटभैया नेता के साथ ही कांग्रेस नेता की मिलीभगत भी सामने आई है। बताते हैं कि वह दिखावे के लिए देर रात थाने पहुंचा था। फिर उसकी सहमति पर ही पुलिस ने वसूली का खेल खेला और NSUI नेता को सामने कर छह लाख रुपए में डील कराया।

ACCU प्रभारी बोले- आरोप बेबुनियाद

इधर, इस पूरे मामले में किसी तरह की वसूली से ACCU प्रभारी धर्मेंद्र वैष्णव ने इंकार किया है। उन्होंने हुक्का पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने युवकों के जुआ खेलने से ही इंकार किया है। उनका कहना है कि पुलिस के चंगुल में फंसने वाले इस तरह से आरोप लगाते रहते हैं।


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