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धाकड़ समाज पंजीयन को लेकर उठ रहे सवाल

कुछ दिनों से धाकड़ समाज के पदाधिकारियों की नियुक्ति चर्चा का विषय बनी हुई है कुछ समाज प्रमुखों का कहना है की कुछ महीने पहले धाकड़ समाज जिला बस्तर का जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर तोकापाल की नियुक्ति समाज प्रमुखों की सर्वसम्मति से की गई थी एवं उनकी अध्यक्षता में लोहंडीगुड़ा के चित्रकोट क्षेत्र में राम नवमी का भव्य शोभायात्रा निकाली गई थी जिसमें बस्तर जिले के 18 क्षेत्र के लगभग 6000 लोग सम्मिलित थे जिसमें 2000 कलश की 8 किलोमीटर पैदल यात्रा आनंदित रुप से संपन्न हुई थी जिसमें सिर्फ धाकड़ समाज के सदस्य ही सम्मिलित थे अन्य जनप्रतिनिधियों को सम्मिलित नहीं किया गया था

वर्तमान में राजनीति से जुड़े कुछ समाज प्रमुखों ने संभागीय पंजीयन के नाम से अलग अध्यक्ष चुनने का फैसला लिया जिसमें की धाकड़ समाज में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

हरि सिंह ठाकुर जिला ब्यूरो बस्तर 

 निजी स्वार्थ के लिए पद का दुरूपयोग कर रहे पदाधिकारी 

 धाकड़ समाज क्षेत्र अध्यक्ष मधोता हाकिम सिंह ठाकुर का कहना है की कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए पद का गलत उपयोग कर रहे है जिसके चलते आज धाकड़ समाज में एक राजनीतिक मोड़ ले लिया है समाज के ही कुछ प्रमुख लोग जो राजनीति से जुड़े हुए हैं और अपना व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए संगठन को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं जिससे कि उनको राजनीतिक लाभ मिल सके पंजीयन कुछ भी हो वर्तमान में अपना क्षेत्र संगठित हो चुका है जो नियम हमारे क्षेत्र में बनाये गए है सभी नियमों का पालन अपने क्षेत्र में हो रहा है अगर पंजीयन के नाम से कोई भी पदाधिकारी क्षेत्र को तोड़ने का प्रयास करता है उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी जिसकी जिम्मेदारी स्वयं की होगी।

उनके कहने के मुताबिक धाकड़ समाज का तीन पंजीयन किया गया है जिसमें 10281 धाकड़ समाज कल्याण समिति 2006 में पंजीकृत की गई है कुछ समाज प्रमुखों ने इसे छोटा रूप मानकर एक मंच में बैठने सम्भाग धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज 2013 में पंजीकृत किया उसके पश्चात कुछ समाज प्रमुखों ने इसे स्वीकार नही किया एवं धाकड़ समाज में सिर्फ धाकड़ का पंजीयन सम्भाग स्तरीय कराने का निर्णय लिया धाकड़ समाज बस्तर संभाग 1722 का पंजीयन 2017 में पंजीकृत किया वर्तमान में जो धाकड़ समाज का समाज प्रमुख निर्वाचन किया जाना था जिसमें विवाद का मोड़ ले लिया समाज के लोगों का कहना है की जो पूर्व में पंजीकृत है उस पंजीयन को ही जिला में संचालित किया जाना चाहिए एवं जो सम्भाग के नाम से पंजीकृत है उसे पूर्णरूप से सम्भाग में संचालित किया जाना चाहिए। उनकी मांग है की सम्भाग के सभी सदस्य उसमें सम्मिलित होने चाहिए एवं सर्व सम्मिति से संभागीय अध्यक्ष सभी जिले के अध्यक्ष कार्यकारिणी का चुनाव होना चाहिए वर्तमान में किया गया चुनाव को अमान्य कर दुबारा सर्व सम्मिति से चुनाव करने की मांग की है।

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