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चैत्र नवरात्रि से है भगवान राम का नाता, जानिए श्रीराम की आराधना का महत्व

नामदेव साहू

 हिंदू धर्म में दो गुप्त नवरात्रि के अलावा चैत्र व शारदीय नवरात्रि पूरे धूमधाम के साथ मनाई जाती है। इन दोनों ही नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा का विधान है। लेकिन दोनों ही चैत्र व शारदीय नवरात्रि की नवमी और दशमी तिथि का संबंध भगवान राम से भी है। शारदीय नवरात्रि की दशमी तिथि को भगवान राम ने रावण का वध किया था। वहीं चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम का जन्म हुआ था। उस दिन राम नवमी मनाई जाती है। हिंदू धर्म में राम नवमी के पर्व का बेहद खास महत्व है। इस दिन जो भी भक्त पूरे भक्ति भाव और विधि विधान से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की पूजा करते हैं, उनके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। ऐसे में चलिए आज जानते हैं नवरात्रि और रामनवमी का कनेक्शन एवं पूजा विधि...

नवरात्रि और रामनवमी 
पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि में नवमी तिथि के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। हिंदू धर्म में मान्यता है कि चैत्र माह की शुक्ल पक्ष के नवमी तिथि को भगवान विष्णु ने प्रभु श्री राम के रूप में धरती पर अपना सातवां अवतार लिया था। तभी से ये पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।

रामनवमी का महत्व
रामनवमी के दिन पूरे देश में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का जन्म दिवस धूमधाम से मनाया जाता है। अयोध्या में रामनवमी के मौके पर भव्य कार्यक्रम और मेले आयोजित किए जाते हैं। मान्यता है कि रामनवमी के दिन मां भगवती और श्रीराम की पूजा पूरे विधि विधान से करने वाले भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही उनके जीवन से कष्टों का नाश होता है। रामनवमी के साथ नवरात्रि का समापन भी किया जाता है। यही वजह है कि इस दिन कई लोग कन्या पूजन कर माता रानी की आराधना करते हैं।

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