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शिक्षा वह चाबी है हर ताला को खोल सकती है :- जितेंद्र सिंह वीणा

हरि सिंह ठाकुर जिला ब्यूरो बस्तर 

जगदलपुर :- सर्व आदिवासी समाज के तत्वधान में संविधान दिवस कार्यक्रम मुरिया सदन जगदलपुर में आयोजन किया गया । समाज के सभी युवा - युवती , छात्र - छात्राओं को संविधान का प्रस्तावना का वाचन बस्तर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह वीणा के द्वारा कराया गया । जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा ने कहा कि 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस मनाया जाएगा क्योंकि इसीलिए भारतीय संविधान का निर्माण किया गया था 15 अगस्त 1947 को जब भारत आजाद हुआ तो भारत देश को चलाने के लिए संविधान की जरूरत पड़ी क्योंकि की दुनिया का कोई भी देश संविधान के माध्यम से चलता है ऐसे में उस समय के नेताओं ने भारत के लिए संविधान बनाने के लिए एक संस्था का गठन किया जिसे हम लोग संविधान सभा कहते हैं I इस सभा के द्वारा ही संविधान का निर्माण किया गया 

15 नवंबर 1949 को संविधान बनकर तैयार हुआ और उसके बाद इसे 26 जनवरी 1950 देशभर में लागू किया गया। अगर हमें आगे कुछ करना है तो शिक्षा महत्वपूर्ण है क्योंकि आज शिक्षा के माध्यम से कई तरह टेक्नोलॉजी लॉन्च किए हैं। शिक्षा वह चाबी है हर ताला को खोल सकती है , क्योंकि शिक्षित व्यक्ति हर जगह जाकर बोल सकता है कुछ कर सकता है । हमें शिक्षा महत्वपूर्ण जरूरत है। 12 वी के बाद बहुत सारे छात्र छात्राओं को कई तरह के सपना होता है कि मुझे कुछ करना है। हमें धीरे-धीरे मेहनत करके हासिल करना है क्योंकि हम अपने सपना को बरकरार रखना है । कई युवा इस बात को जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि बिना ध्यान भटकाए पढ़ाई करना चाहिए ।

 निश्चिती हमें सफलता मिलेगी ।विधि के छात्र सोनू कश्यप ने कहा कि भारत में 26 नवम्बर को हर साल संविधान दिवस मनाया जाता है, क्योंकि वर्ष 1949 में 26 नवम्बर को संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को स्वीकृत किया गया था जो 26 जनवरी 1950 को प्रभाव में आया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारत के संविधान का जनक कहा जाता है। भारत की आजादी के बाद कांग्रेस सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारत के प्रथम कानून मंत्री के रूप में सेवा करने का निमंत्रण दिया। उन्हें 29 अगस्त को संविधान की प्रारुप समिति का अध्यक्ष बनाया गया। वह भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे और उन्हें मजबूत और एकजुट भारत के लिए जाना जाता है। आदिवासी दलित पिछड़ा वर्ग को हक दिलाने का कार्य सिर्फ बाबासाहेब ने किया है ।

सर्व आदिवासी समाज अध्यक्ष गंगा नाग ने कई समस्याओं को अवगत कराते हुए कहा कि हमारे आदिवासी समाज कई तरह से पीड़ित हैं । उन पीड़ितों को आज भी न्याय नहीं मिला है, ऐसे पीड़ित परिवार को आज भी नया मिलना चाहिए क्योंकि आदिवासी समाज हमेशा हक अधिकार की लड़ाई लड़ने वाला समाज है।इस दौरान पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा, गंगाराम नाग , एनएस सेवता , तिमोती लकड़ा , डी .एस .नेताम, सामु मौर्य , जीवन सलाम , संतु मौर्य , बलदेव मौर्य एमके राणा , हैमराज बघेल , बसंत कश्यप , लखेश्वर कश्यप , मोसू पोयम , पूरन सिंह कश्यप , राकेश मरकाम , गंगा बघेल , लक्ष्मीनाथ कश्यप , बंसी मौर्य , रूपचंद नाग, कमलेश , अभय आदि सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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