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ग्राम पंचायत बुंदेली उजागर हुआ लाखों का भ्रष्टाचार, पद पर सरपंच फिर भी बरकरार

जांच में भी सामने आई सच्चाई, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई 

महासमुन्द। जिले के पिथोरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंदेली में भारी पष्टाचार का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार की जड़ काफी गहरी है मामला किसी एक या दो पंचायत का नहीं है बल्कि पूरे जिले भर में ऐसे उदाहरण हैं जिन्हें आप देख सकते हैं पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद जांच में कई लाख रुपये की अनियमितता पाये जाने के बाद भी सरपंच को पद से नहीं हटाया गया। 

अनुविभागीय अधिकारी पिथौरा क द्वारा नियुक्त जांच अधिकारियों ने सामाजिक अंकेक्षण में पाया कि मनरेगा के तहत कार्यों में 316025 रूपये भुगतान नहीं होना पाया। उक्त राशि सरपंच व सचिव से वसूली किये जाने योग्य पाया उक्त राशि गवन में सचिव को निलंबित तो कर दिया गया लेकिन सरपंच के विरुद्ध कायवाही नहीं की गई। उल्लेखनीय है कि जांच प्रतिवेदन और पंचनामा में भी स्पष्ट हो गया किरार गबन किया गया है। 

इसके बावजूद प्रष्टाचार नहीं थमा सरपंच सचिव के द्वारा 500060 रूपये को वित्तीय अनियमितता की गई वित्तीय अनियमितता में दोषी पाये जाने पर छ ग पंचायत राज अधिनियम 1933 को धारा 92 के तहत कारवाई करते हार प्रकरण दर्ज किये जाने का निर्देश जारी हुआ, लेकिन आज पर्यंत तक सरपंच के विरुद कायवाही नहीं होने पर उनका होसला बढ़ा हुआ है। 


सरपंच के विरुद्ध कार्यवदा नहीं होने व पट से पथक नदा किये जाने का लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत हुई हे 45 दलों के भातर कारवाही करने हेत पीएमओ के द्वारा प्रमछ साचव पंचायत शासन को आदेश जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत बुंदेली के सरपंच श्रीमती सुनीता दीवान के कायकॉल में पंचायत में कराये गए विकास कार्यों की जांच में भारी अनियमितता पाई गयी।

      जिसमें 78 लाख 16 हजार 85 रू के आर्थिक अनियमितता किये जाने की पुष्टि होने के बाद भी सरपंच श्रीमती सुनीता दीवान आज भी पंचायत में प्रष्टाचार को अंजाम देकर इतिहास बना रही है । उक्त सरपंच को लोकहित में बने रहना स्वीकार्य नहीं है इसलिए सरपंच को तत्काल पद से हटाने हेतु छत्तीसगढ़ सेवा के प्रधान संपादक चंद्रशेखर प्रभाकर ने दिनांक 27/07/2022 का प्रधानमंत्री कायालय में शिकायत को यो उस शिकायत को पीएमओ ने गंभीरता से लेते हुए प्रमुख मंचिव पंचायत विभाग इतासगढ़ शासन की 45 दिन के भीतर कायवाही करने हेतु आदेशित किया गया है अब देखना यह कि सरपंच को पद से पृथक कर कार्रवाई किया जाता है की नहीं ?

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