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स्थानीय अतिथि शिक्षकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल को किया समाप्त

    बस्तर संभाग के स्थानीय अतिथि शिक्षकों ने अपने 9 सूत्रीय मांग को लेकर 1 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल कृषि उपज मंडी जगदलपुर में धरना प्रदर्शन किया था

स्थानीय अतिथि शिक्षक कल्याण संघ के बैनर तले बस्तर शिक्षण सेवक संघ का एक जून 2022 से अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रहा था दिनांक 12 अगस्त 2022 को बस्तर सांसद माननीय दीपक वैद्य जी एवं बस्तर जिला कलेक्टर श्री चंदन कुमार जी बस्तर शिक्षण सेवकों का सेवा बहाली एवं उनके मांगों को पूरा करने का मौखिक आश्वासन मिला अतः 1 जून 2022 से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को दिनांक 17/08/2022 को  समापन कर दिया गया।

हरि सिंह ठाकुर जिला ब्यूरो बस्तर

मुख्य 9 सूत्रीय मांगे इस प्रकार थी=  बस्तर संभाग में शिक्षा में सुधार लाने एवं शिक्षकों की कमी को दूर करने हेतु बस्तर संभाग में जिला खनिज न्यास निधि डीएमएफ मद से स्थानीय अतिथि शिक्षकों की भर्ती की गई है स्थानीय अतिथि शिक्षकों को बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में विभिन्न नामों से जाना जाता है इनकी मांग इस प्रकार है अतिथि शिक्षक जिला दंतेवाड़ा,अतिथि शिक्षक जिला नारायणपुर,अतिथि शिक्षक जिला कांकेर, ट्यूटर शिक्षक जिला कोण्डागांव, शिक्षण सेवक जिला बस्तर, शिक्षादूत जिला सुकमा,शिक्षा दूत जिला बीजापुर,स्थानीय अतिथि शिक्षक कोण्डागांव, स्थानीय अतिथि शिक्षक बस्तर संभाग के पहुंच विहीन दुर्गम बिहड़ एवं सुदूरवर्ती इलाकों में माध्यमिक प्राथमिक और हाई स्कूल में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं हिंदी के अलावा यह स्थानीय अतिथि शिक्षक गोंडी हल्बी भतरी बोली जैसे स्थानीय बोली में बच्चों को शिक्षा में मदद कर रहे हैं हर वर्ष शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के दो-तीन माह बाद इनकी भर्ती की जाती है और शिक्षा सत्र समाप्त होने के बाद अप्रैल माह में इनकी सेवा समाप्त की जाती है कारण इन स्थानीय अतिथि शिक्षक पुनः बेरोजगार हो जाते है जिनके कारण इन्हें हर वर्ष मानसिक एवं आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और सेवा बहाली बहुत मुश्किल से ही हो पाता है कई बार डीएमएफ मद की कमी के कारण सेवा बहाली नहीं हो पाती है इनकी कुछ मुख्य मांगे है जो इस प्रकार है।


 1.बस्तर संभाग के स्थानीय अतिथि शिक्षक प्राथमिक माध्यमिक हायर सेकेंडरी स्कूल अतिथि शिक्षक को राज्य स्तर अतिथि शिक्षक में समायोजित किया जाए

2.  बस्तर संभाग के स्थानीय अतिथि शिक्षकों को राज्य शासन के अन्य अतिथि शिक्षक जैसे आत्मानंद विद्यालय डीएवी विद्यालय के अतिथि शिक्षक के समान 25,000 30,000 एवं 35000 के तर्ज पर वर्तमान मानदेय में वृद्धि करते हुए सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।

3. बस्तर संभाग के स्थानीय अतिथि शिक्षक जिला खनिज न्यास निधि से नियुक्त अतिथि शिक्षक को व्यवस्था से हटाकर भर्ती में मान्यता दिया एवं लिखा जाए।

4. बस्तर संभाग के स्थानीय सभी अतिथि शिक्षक की नियुक्ति 12 माह करते हुए 62 वर्ष तक सेवा सुरक्षा दिया जाए।

5. बस्तर संभाग के स्थानीय अतिथि शिक्षकों को शिक्षा विभाग में शामिल करते हुए नियमित किया जाए।

6. बस्तर संभाग के स्थानीय अतिथि शिक्षक कार्यरत प्राथमिक माध्यमिक एवं हायर सेकेंडरी स्कूल शिक्षक की छटनी नहीं किया जाए एवं छटनी किए गए अतिथि शिक्षक को पुनः सेवा में रखा जाए।

7. बस्तर संभाग के स्थानीय अतिथि शिक्षक के पदों को भरा मानकर राज्य शासन द्वारा की जा रही भर्ती के शिक्षक को उक्त पदों में भरा मानकर ही रिक्त पदों में भर्ती किया जाए।

8. बस्तर संभाग के स्थानीय अतिथि शिक्षक जैसे ट्विटर शिक्षण सेवक शिक्षा दूत को एक मानकर सभी शिक्षक के पद नाम केवल अतिथि शिक्षक रखा जाए।

9. बस्तर संभाग के स्थानीय अतिथि शिक्षक को cl-el एवं अन्य कर्मचारी के साथ छुट्टी की सुविधा दिया जाए। इन सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा की जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल चलती रहेगी और आगे भविष्य में उग्र आंदोलन भी हो सकता है। सरकार को आगाह और चेतावनी दी गई है।

 जिला शिक्षा अधिकारी की तबियत खराब से सेवा बहाली पर दिक्क़त

 शिक्षण सेवकों की सेवा बहाली जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर ही सिमटी हुई है पिछले 2 सप्ताह से अधिकारी मैडम की तबीयत खराब है जिसके चलते शिक्षण सेवकों की फाइल कार्यालय में ही पड़ी हुई है जिसकी सुनवाई किसी भी प्रकार नहीं हो पा रही है सांसद एवं कलेक्टर महोदय से जल्द से जल्द कार्रवाई कर सेवा बहाली करने को ज्ञापन सौंपा गया जिसकी मौखिक आश्वासन दोनों दे मिला है जिसके साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल को समाप्त किया गया।

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