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जोरातराई = समिति के सदस्यों की फर्जी हस्ताक्षर से निकाली थी एक लाख रूपये

 महासमुंद / महिला अल्प बचत साख सहकारी समिति मर्यादित जोरातराई (विकास खण्ड बागबाहरा) की अध्यक्ष श्रीमती ईश्वरी बाई सबर के खिलाफ गंभीर आर्थिक अनियमितता मनमानी और लापरवाही को लेकर सदस्यों की शिकायत के बाद भी कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्थाये महासमुंद द्वारा जांच करवाये जाने पर सभी 11 बिन्दुओं में आरोप प्रमाणित पाया गया है तथा समिति के संचालक मंडल को अध्यक्ष को पद से हटाये जाने छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53 - ख (1) के प्रावधानों के अनुसार सुनवाई का अवसर देते हुये कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। जोरातराई की अल्प बचत सहकारी समिति के अध्यक्ष श्रीमती ईश्वरी बाई सबर के विरूध्द हुई शिकायत पर विकास खण्ड महासमुंद के सहकारी विस्तार अधिकारी अनीस कुमार दीवान द्वारा की गई जांच में पाया गया कि, अध्यक्ष श्री मती सबर द्वारा प्रबंध कारिणी समिति की बैठक का आयोजन नियमानुसार नही किया जाता। संस्था की वार्षिक आम सभा का भी आयोजन नही किया गया। समिति के बैंक खाते जो छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक बागबाहरा से संचालित है। जिसमे अध्यक्ष द्वारा प्रबंध कारिणी के सदस्यों की सहमति व अनुमोदन के बिना ही सचिव का नाम श्रीमती लता बाई निर्मलकर की जगह श्रीमती पुन्नी बाई यादव का नाम अवैधानिक रूप से दर्ज करवा दिया गया है। इसी प्रकार समिति के बैंक खाते में बिहान योजना के अंतर्गत गठित समूहों का भी लेन-देन किया जाता है। तथा उक्त समूह के नाम से एक लाख रूपये का ऋण लेकर अपनी सहकारी समिति के खाते में जमा कराकर राशि का उपयोग मनमानी पूर्वक किया जाना पाया गया है। समिति के लेखा अभिलेखों का संधारण नही किया जाता तथा संस्था के रोकड़ बही व अन्य पंजी/दस्तावेजों का तारिख वार संधारण नही किया जाता है। प्रबंध कारिणी समिति व सदस्योें द्वारा बुलाई गई बैठक में भी अध्यक्ष श्रीमती सबर उपस्थित नही होती है। समिति के क्रिया क्लापों पर भी संतोषप्रद जवाब न देकर समिति द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान में नियम विरूध्द अपनी पुत्री जया सबर को विक्रेता के पद पर नियुक्त कर दी गई है। अहम बात यह है कि, संस्था अध्यक्ष श्रीमती सबर संस्था के सदस्यों से दुर्यव्यवहार भी करती है। 

यही नही समिति द्वारा संचालित उचित मूल्य की दुकान से उपभोक्ताओं को नियमानुसार और निर्धारित दर सामाग्री आपूर्ति न करते हुये। केन्द्र शासन द्वारा माह अपै्रल से सितम्बर तक प्रति व्यक्ति 5 किलो राशन आबंटित करने का आदेश जारी किया गया था और प्रत्येक पीडीएस दुकान में नोटिस को चस्पा कर प्रति राशन कार्ड धारकोे को निर्धारित राशन आंबटित किया गया है। जिस पर ग्राम पंचायत अंवराडबरी में संचालित अल्प बचत सहकारी समिति की अध्यक्ष श्रीमती ईश्वरी बाई सबर एवं उनकी सुपुत्री कु.जया सबर जिनको उचित मूल्य दुकान की विक्रेता बनाकर नियुक्त किया गया है। जिनके द्वारा प्रति राशन कार्ड धारियों को मई माह में अप्रैल और मई का एक साथ राशन आंबटित किया जाना था। उसमे प्रत्येक राशन कार्ड धारियों को नियमानुसार राशन आंबटित नही किया गया है। इस मामले की पुष्टि हेतु जोहार छत्तीसगढ की टीम के औचक निरिक्षण पर पाया गया है कि, राशन नियमानुसार विक्रेता व समिति के अध्यक्ष द्वारा शासन की आदेश को अंदेखा करते हुये अपनी मनमर्जी से राशन आंबटित किया गया है। साथ शासकीय खुदरा मूल्य के अनुसार शक्कर जहां 17 रूपये प्रति किलो में देना है उस पर 20 रूपये प्रति किलों की दर से बेचा गया है। साथ ही प्रति राशन कार्ड धारकों से अधिक राशि की वसूली की जाती है। इसे लेकर भी समिति की सदस्याओं और ग्रामीणों मे काफी आक्रोश व्याप्त है। जांचकर्ता से प्रतिवेदन मिलने के बाद अल्प बचत सहकारी समिति जोरा तराई के संचालक मंडल को सहकारी संस्थाएं महासमुंद के उप पंजीयक द्वारा निर्देशित किया गया है कि, छ.ग. सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53 - ख (1) प्रावधानों के अनुसार दोषी समिति अध्यक्ष ईश्वरी बाई सबर को पद से हटाने की कार्यवाही की जाये। इसके पूर्व उन्हे 11 बिन्दुओं के आरोप पत्र की सूची उपलब्ध कराकर मंडल की बैठक में सुनवाई का अवसर दिया जाये।

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