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यूरिया कमी और अमानक बीज की समस्या से जूझ रहे किसान

 खेती खरीफ की य अभी से खाद-बीज की किल्लत को लेकर किसान हलाकान 

सरकार ने की किसानों से धोखाधड़ी- भाजपा 

महासमुंद। जिले के किसानों को एक बार फिर से यूरिया कमी और अमानक बीज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जिले के अधिकांश क्षेत्रवें से यूरिया किल्लत की समस्या सामने आ रही है। यूरिया नहीं मिलने के कारण किसान सोसायटी और दुकानों के चक्कर काट हेर है। जहां समय पर यूरिया नहीं मिलने पर किसान फसल की पैदावार पर असर न पड़े जिसके लिए कर्ज लेकर दुगुने व तिगुने दाम पर सामग्री खरीदने को मजबूर हो गए है। वहीं अमानक खराब बीज मिलने से भी किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें ख्ंिा गई है। बता दें कि किसान खरीफ फसल का कार्य 10 से 15 जून के बीच शुरू कर देते है। और इस बीच खेती में उपयोग आने वाली यूरिया खाद, डीएपी राखड़ व पोटाश मिल जाए तो किसान आसानी से अपनी खेती बाड़ी के कार्य को कर लेते है। जिससे इन्हें काफी फायदा भी होता है लेकिन महासमुंद जिले के अधिकाशं क्षेत्रों में खाद बीज की कमी होने लगी है या यूं कहें कि खाद मिल ही नहीं रही है। किसान अपनी खेतों को पूर्ण रूप से तैयार कर चुके है लेकिन खेतों में डालने वाले बीज भी अब उनको खराब किस्म के मिल रहे है। जिससे दुगुना नुकसान किसानों को झेलना पड़ रहा है। 

लेकिन, अब तक किसानों को कोई खाद या अच्छे किस्म के बीज क मिलने का कोई आशंका नजर नही आ रहा है। किसानों के हित में बात करने वाली सरकार आज प्रशासन थ् व अन्य ठेकेदारों से मिलीभगत के चलते सहकारी समितियों में मिलने वाले 267 रुपये के यूरिया खाद को खुले बाजार से 600 रुपये से अधिक में खरीद रहे हैं। इसी प्रकार 1200 रुपये का डीएपी 1600 रूपये, 1700 रुपये, 340 रुपये का राखड़ 500 रुपये और 1000 रुपये में बिकने वाला पोटाश 1500 रुपये में बेचा जा रहा है। साथ ही कुछ सोसायटी में किसानों को जो धान बीज मिल रहा है वो भी अमानक तौर पर खराब हैं जिससे किसानो को नुकसान के साथ बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ अब परेशान किसान अब शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मदद की गुहार लगा रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा के जिला उपाध्यक्ष ने भी सरकार पर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।

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